बिहार चुनाव परिणाम के बाद भाजपा भारत की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, और रविवार को यह ऐलान हुआ है कि एनडीए की कमान और बिहार मुख्यमंत्री पद नीतीश कुमार ही संभालेंगे, और नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

एक बार फिर से सुशील मोदी का डिप्टी सीएम बनने का सपना टूट गया।

बिहार की एनडीए सरकार में अब तक डिप्टी सीएम की कमान संभाल रहे सुशील मोदी को इस बार यह पद नहीं दिया जा रहा है,दरअसल भाजपा ने तारकिशोर प्रसाद को पार्टी के विधानमंडल दल का नेता और रेनू बाला को उप नेता चुन लिया है, दरअसल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने NDA विधायक दल के नेता और साथ ही भाजपा विधायक दल के नेता और उपनेता के नाम की पुष्टि कर दी है।

नीतीश कुमार ले रहे हैं सातवीं बार शपथ।

  • नीतीश कुमार पहली बार वर्ष 2000 में सीएम पद की शपथ ली थी,बहुमत नहीं होने की वजह से सात दिनों में ही इस्तीफा दे दिया था।
  • 2005 में नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। – तीसरी बार 2010 में बिहार ने फिर नीतीश कुमार ने नेतृत्व संभाला।
  • 2014 में लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर जेडीयू के जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, परंतु दोनों नेताओं के बीच गलतफहमी के बाद जीतनराम मांझी को इस्तीफा देना पड़ा था।
  • 22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार ने चौथी बार फिर से सीएम पद की शपथ ली। भाजपा से अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने 2015 में आरजेडी के साथ गठबंधन किया था।
  • विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद 20 नवंबर 2015 को पांचवी बार सीएम पद की शपथ ली नीतीश कुमार ने।
  • नीतीश कुमार ने आरजेडी का साथ छोड़कर 27 जुलाई 2017 को भाजपा का साथ पकड़ कर छठी बार सीएम पद की शपथ ली।
  • 2020 में विधानसभा चुनाव पूर्ण बहुमत से जीतने के बाद नीतीश कुमार सातवीं बार अब बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे, जो कि एक नया रिकॉर्ड है।

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